

प्रदेश में भूगर्भ जल संसाधनों के आकलन, सर्वेक्षण अनुसंधान एवं अन्वेषणात्मक कार्यों के सम्पादन हेतु वर्ष 1975 में भूगर्भ जल विभाग की स्थापना एक पृथक विभाग के रूप में कृषि उत्पादन आयुक्त, उ०प्र० के प्रशासनिक नियंत्रण में की गयी। राज्य में भूगर्भ जल संसाधनों के निरन्तर बढ़ते महत्व एवं इसके प्रभावी प्रबंधन के दृष्टिगत भूगर्भ जल विभाग को प्रदेश की भूजल सम्पदा के सर्वेक्षण, अनुसंधान, नियोजन, विकास व प्रबन्धन तथा भूगर्भ जल दोहन के नियंत्रण एवं भूगर्भ जल संरक्षण, संचयन व विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही रिचार्ज योजनाओं के समन्वय तथा अनुश्रवण हेतु वर्ष 2004 में नोडल एजेंसी घोषित किया गया।
राज्य में विशेष रूप से समस्याग्रस्त ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मात्रात्मक और गुणात्मक रूप से भूजल के स्थायी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए इसका संरक्षण, प्रबंधन और विनियमन।
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